यह तो सिर्फ एक आम बात है भाई, बार बार हो जाता है. पत्नियाँ किशोरों की तरह {अपने पतियों पर मजाक करती हैं |। पतियों को इस पर गलत समझते हैं और फूट पड़ते हैं।
आखिरकार मर्द
{समझ आता है {कि वो मजाक था|यह एक प्यार था|यह सब भूल जाओ)| और गले मिल लेते हैं |।
महारज जी हँसने पर पेट दर्द
एक बार की बात है, महाराज जी बड़े हँसते हो रहे थे। उनकी हँसी तो बहुत ही खूबसूरत थी, पर उससे महाराज जी का पेट तकलीफ होती थी । वो गाउणे पे हाथ रखते थे और वाहWow करते थे। सारे लोग देखकर दिल खोलकर हंसाते ।
और ????
यहाँ एक बातें हैं जो कभी-कभी महिला ने उड़ाया पति का मज़ाक । पति गाली देके बुलाता है। महाराज जी के हुआ हंस-हंसकर पेट दर्द ???? गाली-गलौच और हंसी-मजाक में मिल जाती हैं। अक्सर ये दोनों चीजें एक साथ आती हैं, लेकिन यह जरूरी नहीं है कि हमेशा ऐसी ही हो! सब लोग गाली-गलौच का इस्तेमाल करते हैं और हंसी-मजाक से परहेज करते हैं। दूसरे लोग तो उल्टा करते हैं।
आधा परिवार बुलाता है गाली से , पत्नी करता है मजाक ????
हर रोज होता है, जब वयस्क घर आता तो उनकी पत्नी गाली देती थी. जीवन में तो एक ही थोड़ा मज़ाक करता है.{ एक पल में गाली देना, अगले पल में शरारतें करना, यही यह ज़िंदगी है.
बहू काटते हुए पेश आई ????
पहले तो सबने खाया था की वो बरसों से भगवान देवता की परिषद् में मिलती थी, पर आज देखते ही दिल अचंभित हो गया। वो शान भोजन कर रही थी और उसका मुँह खुला चाहा दबोचा था तो पता चला है वो मूर्तिपूजा काट रही थी। सबके रहस्य में डूबे होने के बाद, वो फिर से शांत हो गई और सबको सहयोग देती हुई नजर आई।
एक पल-आइना है जो हंसा रहा है ????
वाह! कितनी झाँकी देखी? हर जगह नये कलाकार हैं . एक है तो मस्ती करते हैं सब लोग । इस दृश्य में हमें याद आता है हमारी कहानियों का सच्चा रंग!